नई दिल्ली, दिसम्बर 3 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि घुसपैठिए और अवैध प्रवासी भारत में किसी भी कानूनी अधिकार के हकदार नहीं हैं। कोर्ट ने उम्मीद जताई कि देश के प्रत्येक नागरिक को पूर्वोत्तर व पूर्वी राज्यों में इस समस्या की गंभीरता का अहसास है। शीर्ष अदालत पांच रोहिंग्या अवैध प्रवासियों के संबंध में दायर हैबियस कॉर्पस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो अपनी हिरासत के बाद से लापता बताए जा रहे हैं।गरीब भारतीयों का हक पहले- CJI मुख्य न्यायाधीश (CJI) सुर्यकांत और जस्टिस जॉयमल्या बागची की पीठ ने सुनवाई के दौरान तब आपत्ति जताई, जब याचिकाकर्ता रीता मंजूमदार की ओर से पैरवी कर रहे वकील ने रोहिंग्या व्यक्तियों को 'शरणार्थी' कहा। इस पर CJI ने स्पष्ट किया कि अदालत रोहिंग्याओं के मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपना रही है, लेकिन इससे उनका दर्जा नहीं बदल ...