कानपुर, जनवरी 13 -- सरवनखेड़ा संवाददाता। जिले में मनरेगा की परियोजना शुरू होते ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने लगती है। वित्तीय स्वीकृति के साथ ही हाजिरी लगाने और फोटो अपलोड होने तक हर जगह खेल किया जाता है। सुबह से ही परियोजना पर मजदूरों के काम करने का प्रावधान है। दिन में दो बार हाजिरी लगाने के नियम को दरकिनार कर शाम को सिर्फ एक बार ही हाजिरी लगाई जा रही है। हाजिरी भी शाम 6 बजे के बाद लगती है, जिससे कोई अधिकारी पहुंचे भी तो सवाल खड़े न कर सके। यही जिले के अधिकतर ब्लॉकों में है। मनरेगा की परियोजनाओं पर दिन में दो बार हाजिरी लगाकर कार्यस्थल की फोटो एनएमएस पोर्टल पर अपलोड किए जाने का निर्देश है, लेकिन जिले में गिनी-चुनी कुछ ग्राम पंचायतों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश ग्राम पंचायतों में शाम के समय एक बार हाजिरी लगाई जाती है। एक ऐसा ही मामला सरवनखेड़ा ...