श्रावस्ती, नवम्बर 29 -- कटरा,संवाददाता। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ श्रावस्ती की ओर से श्रावस्ती सांसद राम शिरोमणि वर्मा को मांगपत्र सौंपा गया। जिसमें एक सितंबर को सर्वोच्च न्यायालय की ओर से टीईटी संबंधी निर्णय पर पुनर्विचार एवं विधायी हस्तक्षेप की मांग की गई। शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय के कारण कक्षा एक से आठ तक कार्यरत लगभग 20 लाख शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, आजीविका और पदोन्नति गंभीर संकट में पड़ सकती है। जबकि एनसीटीई की 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अनुसार 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को विधिक रूप से योग्य की श्रेणी में रखा गया था, जिसे नए निर्णय में अनदेखा कर दिया गया है। जिलाध्यक्ष ने बताया कि विभिन्न राज्यों में आरटीई एवं टीईटी अलग अलग वर्षों में लागू हुए। इस क...