नई दिल्ली, नवम्बर 28 -- सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में शुक्रवार को कहा कि चेक बाउंस का मामला केवल उसी अदालत में दायर किया जा सकता है, जिसके अधिकार क्षेत्र में शिकायतकर्ता का बैंक स्थित हो। आमतौर पर, विवाद उस अदालत के अधिकार क्षेत्र को लेकर होता है, जहां निगोशिएबल इंस्ट्रृमेंट्स अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत चेक बाउंस के मामले दायर किए जाने होते हैं। अधिनियम की धारा-138 खाते में अपर्याप्त धनराशि के कारण चेक बाउंस होने से संबंधित है। न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने चेक बाउंस के एक मामले में दायर कुछ स्थानांतरण याचिकाओं पर विचार करते हुए इस कानूनी उलझन का समाधान किया। पीठ ने कहा कि उपरोक्त चर्चा के मद्देनजर, यह बिल्कुल स्पष्ट है कि किसी खाते के माध्यम से वसूली के लिए दिए गए चेक के संबंध में धारा...