चंदौली, फरवरी 5 -- शहाबगंज, हिन्दुस्तान संवाद। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुदेशकों को नियमित माने जाने और Rs.17,000 मासिक मानदेय दिए जाने के आदेश से अनुदेशकों में खुशी है। कोर्ट के इस निर्णय को अनुदेशकों ने लंबे संघर्ष की बड़ी जीत बताया है। अनुदेशक संघ के वाराणसी मंडल अध्यक्ष विकास यादव ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशकों की नौकरी अब समाप्त नहीं होगी। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच ने स्पष्ट किया है कि संविदा की निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी अनुदेशकों की सेवाएं स्वतः समाप्त नहीं की जा सकतीं। लगातार दस वर्षों से कार्य करने के कारण यह पद स्वतः सृजित माना जाएगा। अनुदेशक संघ के जिलाध्यक्ष अभिनव सिंह ने कहा कि Rs.17,000 मानदेय मिलने से अनुदेशक आर्थिक रूप से सशक...