नई दिल्ली, अगस्त 25 -- सर्वोच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए आपराधिक न्याय व्यवस्था में बदलाव किया है। दशकों से भारतीय न्यायव्यवस्था आरोपी को सही केस चलाने और आगे अपील करने का आधिकार देती है। अब कोर्ट ने पीड़ितों और उनके आधिकारिक उत्तराधिकारियों को भी आरोपी के बरी होने की स्थिति में अपील करने का अधिकार दे दिया है। अभी तक यह अधिकार केवल राज्य सरकार या फिर शिकायतकर्ता के पास ही था। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने यह ऐतिहासिक फैसला दिया। पीठ ने कहा कि जैसे किसी आरोपी को दोषी मान लिया जाता है, तो उसे आगे अपील करने का आधिकार है, ठीक वैसे ही अपराध के पीड़ित व्यक्ति को भी आरोपी के रिहा होने, मुआवजे के कम मिलने की स्थिति में आगे अपील करने का अधिकार होने चाहिए। टाइम्स ऑफ इंडिय...
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