सुपौल, मार्च 19 -- त्रिवेणीगंज। प्रखंड क्षेत्र में लगभग एक दशक पहले सूर्यमुखी की खेती बड़े पैमाने पर की जाती थी। अब इन इलाकों में इसकी खेती विलुप्त होने के कगार पर है। सूर्यमुखी की जगह किसान अब मक्का सहित अन्य फसलों की खेती करने लगे हैं। जानकार बताते हैं कि कुछ साल पहले किसान सूर्यमुखी की खेती करते थे, लेकिन किसानों को उचित बाजार नहीं मिलने के कारण इसकी खेती से मुंह मोड़ कर मक्का सहित अन्य फसलों की खेती करने लगे हैं।
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