सुपौल, अक्टूबर 30 -- किशनपुर, एक संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीण और बाजार इलाकों में इन दिनों सूखा नशा युवाओं के बीच तेजी से फैल रहा है। यह नशा इतना खतरनाक है कि धीरे-धीरे पूरी युवा पीढ़ी को बर्बादी की ओर धकेल रहा है। सस्ता और आसानी से उपलब्ध होने के कारण किशोर और युवा वर्ग इसकी चपेट में तेजी से आ रहे हैं। जानकार बताते हैं कि इस इसमाईक के सेवन से शुरू में हल्की झूमने जैसी अनुभूति होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह लत में तब्दील हो जाता है। नशे की लत लगने के बाद युवा पढ़ाई-लिखाई से दूर होकर अपराध और असामाजिक गतिविधियों की ओर बढ़ने लगते हैं। परिवार और समाज में तनाव बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गाँव-गली और बाज़ार क्षेत्रों में खुलेआम इस नशे का धंधा हो रहा है। प्रशासनिक सख्ती नहीं होने की वजह से नशा माफिया सक्रिय हैं और बेरोकटोक इसे...
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