सुपौल, फरवरी 10 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। सुपौल रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया की खाली जमीन वर्षों से अतिक्रमण की गिरफ्त में है। हालात यह हैं कि पटेल चौक से लेकर रेलवे मालगोदाम तक सैकड़ों अस्थायी और अर्द्धस्थायी दुकानें लगी हुई हैं। यात्रियों की आवाजाही के लिए बनी यह जमीन अब अव्यवस्था, जाम और गंदगी का केंद्र बन चुकी है। रेलवे प्रशासन समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान जरूर चलाता है, लेकिन यह कार्रवाई सिर्फ वरीय अधिकारियों के निरीक्षण तक ही सीमित रह जाती है। निरीक्षण समाप्त होते ही अतिक्रमणकारी दोबारा कब्जा जमा लेते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अतिक्रमणकारियों को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) का संरक्षण प्राप्त है। दुकानदारों से हर महीने 'मंथली' वसूली की चर्चा आम है। यही कारण है कि बार-बार शिकायत के बावजूद न तो अतिक्रमण स्थायी रूप से...