सुपौल, जनवरी 9 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले की सड़कों पर हर महीने भारी वाहनों की चपेट में आने से मौत का बढ़ता आंकड़ा चिंता का विषय बनता जा रहा है। जिले में बीते एक साल में करीब डेढ़ सौ से अधिक मौत सड़क हादसे में हुई है, इसमें 93 की मौत सिर्फ ट्रक या अन्य मालवाहक गाड़ियों से हुई है। फिर भी बिना नंबर के ट्रक, ट्रैक्टर, डंपर सहित अन्य भारी वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। नंबर नहीं रहने या नंबर छिपाकर रखने के कारण इनकी पहचान भी काफी मुश्किल होती है। सबसे अहम बात यह है कि नंबर नहीं होने की वजह से हादसे में जान गंवाने वालों के परिजन अज्ञात वाहन के खिलाफ केस दर्ज कराते हैं। इन वाहनों को ट्रेस करने में पुलिस भी फेल हो रही है। इससे पीड़ित को न्याय मिलने में भी विलंब होता है। शहर के आसपास के इलाकों लोहिया चौक से गजना चौक तक और बस स्टैंड से गौरवगढ़ चौक...