सुपौल, फरवरी 12 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। मानदेय वृद्धि और लंबित भुगतान की मांग को लेकर गुरुवार को आशा कार्यकर्ताओं ने सीएस कार्यालय में रोषपूर्ण प्रदर्शन करते हुए मांगपत्र सौंपा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वर्ष 2023 के समझौते के अनुसार मानदेय 1000 रुपये से बढ़ाकर 3500 रुपये किया जाना था, लेकिन अब तक सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ है। पिछले छह माह से मानदेय भुगतान लंबित है, जिससे आर्थिक संकट गहरा गया है। आशा संघ की जिला संयोजिका उषा सिन्हा ने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन उन्हें उचित पारिश्रमिक और सामाजिक सुरक्षा से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने 21 हजार रुपये न्यूनतम मासिक मानदेय, लंबित बकाया का एकमुश्त भुगतान, प्रोत्साहन राशि का पुनरीक्षण, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने, पेंशन और अनुकंपा नियुक्ति की मांग दोहराई। ...