सुपौल, फरवरी 19 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। मंडल कारा (सुपौल) में बंदियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने और रिहाई के बाद सम्मानजनक जीवन जीने योग्य बनाने के लिए कारा प्रशासन ने व्यापक पहल शुरू की है। यहां महिला बंदियों को सिलाई-कटाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, वहीं पुरुष बंदियों को कंप्यूटर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही साक्षरता अभियान के जरिए निरक्षर बंदियों को पढ़ना-लिखना सिखाया जा रहा है। कारा प्रशासन का मानना है कि यदि बंदियों को कौशल और शिक्षा से जोड़ा जाए तो वे रिहा होने के बाद स्वरोजगार या नौकरी के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकते हैं। इसी सोच के तहत चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। आरसेटी के माध्यम से वर्मी कंपोस्ट, मशरूम उत्पादन, डेयरी उत्पादन, बकरी पालन, हो...
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