सुपौल, फरवरी 22 -- पिपरा, एक संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र के निर्मली पंचायत स्थित बेला नगर में आयोजित सात दिवसीय भागवत कथा के पांचवें दिन रविवार को अयोध्या से पधारीं साध्वी बिन्दु शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल चरित्र, गोवर्धन पूजा का भव्य वर्णन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि अहंकार त्याग कर कृष्ण की भक्ति में लीन होने से ही जीवन की सार्थकता है और सांसारिक दुखों से मुक्ति मिलती है। साध्वी जी ने श्रीकृष्ण के माखन चोरी, पूतना वध और कालिया नाग दमन जैसी लीलाओं का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि ईश्वर को केवल प्रेम चाहिए, अभिमान नहीं। अहंकार ही जीव का सबसे बड़ा शत्रु है। सांसारिक सुख अस्थाई हैं, केवल प्रभु की भक्ति ही शाश्वत आनंद प्रदान करती है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने कृष्ण भजनों पर नृत्य किया, जिससे पूरा पांडाल भक्तिमय ...