सुपौल, जनवरी 14 -- त्रिवेणीगंज, निज प्रतिनिधि। प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों बिना लाइसेंस के संचालित हो रही दर्जनों आरा मशीनें वन कानूनों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही हैं। यह स्थिति न केवल वन संपदा के लिए खतरा बनी हुई है, बल्कि सरकारी राजस्व में भी भारी नुकसान पहुंचा रही है। जानकारी के अनुसार प्रखंड क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक आरा मशीनों के पास न तो वैध लाइसेंस हैं और न ही लकड़ी के वैध स्रोत से संबंधित आवश्यक कागजात। बावजूद इन आरा मशीनों में प्रतिबंधित और बहुमूल्य लकड़ी की कटाई व चिराई बेखौफ होकर की जा रही है। मजेदार तथ्य यह भी है कि अवैध आरा मिल मात्र ग्रामीण क्षेत्रों में ही नहीं बल्कि शहर में भी सीना चौड़ा कर चलाये जा रहे हैं। जबकि बन बिभाग से त्रिवेणीगंज में महज चार आरा मिल को लाइसेंस प्राप्त है। सखुआ,सीसम सागोन ,महोगनी जैसी कीमती और भार...