सुपौल, फरवरी 19 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ कानूनी जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से द्वारा बुधवार को में आसा (जागरूकता, समर्थन, सहायता और कार्रवाई) एसओपी के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। नालसा के दिशा-निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा जिला मुख्यालय स्थिज एक निजी स्कूल में हुआ। कार्यक्रम का मुख्य फोकस बाल विवाह को समाप्त करने की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पर रहा। कार्यक्रम का नेतृत्व प्राधिकार के सचिव अफजल आलम ने किया। उन्होंने कहा कि "बाल विवाह मुक्त भारत अभियान" के तहत 18 साल से कम आयु की लड़कियों और 21 साल से कम आयु के लड़कों का विवाह दंडनीय अपराध है। उन्होंने छात्रों को बताया कि बाल विवाह से शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास प्रभावित होता है। ऐसे मामलों की सूचना तुरंत प्रशासन...
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