सुपौल, दिसम्बर 8 -- कुनौली,निज प्रतिनिधि। ग्रामीण क्षेत्र के जलाशय अब कचरा फेंकने का जगह बनता जा रहा है। इससे गांव के आहर, पोखर, तालाब अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं। जलाशयों से कचरा खेतों में पहुंच रहा है। खेतों में कचरा जमा होने से उसकी उर्वरा शक्ति कम हो रही है। आहर, पोखर और नदी में फेंके गए कचरे इस साल बाढ़ में बहकर खेतों में पहुंच गया। कचरे के कारण किसान हलकान हैं। इससे उपज के साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित होगी

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