सुपौल, सितम्बर 8 -- सुपौल, हिंदुस्तान संवाददाता। जिले में विभिन्न तरह के रोग से धान की फसल प्रभावित होने लगी है। धान के पौधों में रोग को देख उनकी चिंताएं बढ़ने लगी है। इसकी सूचना मिलने पर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक क्षेत्र में भ्रमण कर रोग की पहचान और उसके उपचार के बारे में किसानों को बता रहे हैं। कुछ किसान तो पौधों को उखाड़कर कृषि वैज्ञानिक के पास ले जा रहे हैं। वह पौधों में लगे रोग को देख किसानों को दवा लिखकर उपयोग करने की विधि और बचाव के उपाय बता रहे हैं। कृषि वैज्ञानिक डॉ. नित्यानंद कुमार ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान धान के पौधों में झुलसा, गलका, झोंका, खैरा रोग लग रहा है। किसानों को रोग लगने से पहले देखरेख करने, रोग की पहचान करने और इसके उपचार के दवा का नाम बताकर उपयोग करने की विधि बताई जा रही है। किसानों ने उन्हें जानकारी ...
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