सुपौल, नवम्बर 16 -- त्रिवेणीगंज, निज प्रतिनिधि। जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल बेहाल है। स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर धीरे धीरे फर्जी नर्सिंग होम का ऐसा साम्राज्य खड़ा हो गया है, जो मरीजो की जिंदगी से खुलेआम खिलवाड़ कर रहा है। स्थिति यह है कि सैकड़ों नर्सिंग होम और पैथोलॉजी सेंटर बिना पंजीकरण और बुनियादी सुविधाओं के धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। हैरत की बात तो यह है कि यह सब कुछ प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे हो रहा है, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही। जांच के नाम पर खानापूर्ति होने के कारण बिना प्रशिक्षित स्टाफ यानी झोलाछाप द्वारा मरीजों का इलाज किया जा रहा है। जानकारों के अनुसार, जिले में अधिकांश नर्सिंग होम स्वास्थ्य विभाग के तय मानकों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे हैं। मजेदार बात है कि अवैध संस्थानों में आम जनता को ...