सुपौल, दिसम्बर 18 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में गंभीर अपराधों की जांच प्रक्रिया अब पूरी तरह तकनीक आधारित और पारदर्शी होने जा रही है। बिहार सरकार के गृह विभाग के स्तर पर जारी नई गाइडलाइन के तहत जिन अपराधों में सात साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है, उन सभी मामलों में डिजिटल साक्ष्य (ई-साक्ष्य) का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है। इसका सीधा असर जिले की पुलिसिंग, जांच प्रक्रिया और न्यायिक कार्यवाही पर पड़ेगा। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि अपराधियों को सजा दिलाने में अब तकनीकी साक्ष्यों की अहम भूमिका होगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गृह विभाग द्वारा जारी निर्देश सभी एसपी, डीएम, कोर्ट प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को भेजे जा चुके हैं। जिले के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी इन गाइडलाइनों के अनुसार कार्य कर...