सुपौल, फरवरी 6 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। कोसी नदी के जलग्रहण क्षेत्र और तटीय इलाकों में एशियाई वॉटर बर्ड सेंसस 2026 का आयोजन शुरू हो गया है। पहले दिन शुक्रवार को वीरपुर जलग्रहण क्षेत्र में निकले पक्षी गणना दल को 26 प्रजातियों के प्रवासी और स्थानीय जलीय पक्षी देखने को मिले। सर्वेक्षण की सबसे बड़ी उपलब्धि हिमालय क्षेत्र की दुर्लभ प्रजाति ब्लू थ्रोटेड बार्बेट (हिमालय हरा बसंता) का दिखना रहा, जो आमतौर पर समुद्र तल से करीब 12 हजार फीट की ऊंचाई पर हिमायल पर पाई जाती है। पक्षी गणना दल का नेतृत्व राष्ट्रीय डॉल्फिन शोध केंद्र, पटना के अंतरिम निदेशक सह इंडियन वॉटर बर्ड सेंसस के राज्य समन्वयक डॉ. गोपाल शर्मा कर रहे हैं। उनके साथ बिहार स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के पूर्व जीएम नवीन कुमार, मगध विश्वविद्यालय की रिसर्च स्कॉलर सलोनी कुमारी और...
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