सुपौल, फरवरी 8 -- त्रिवेणीगंज, निज प्रतिनिधि। कृषि प्रधान जिले में खेती को आधुनिक बनाने के तमाम प्रयासों के बावजूद किसान अभी भी तकनीक आधारित खेती के प्रति उदासीन नजर आ रहे हैं। खासकर ड्रोन से दवा के छिड़काव जैसी लाभकारी योजना को किसानों का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। व्यापक प्रचार-प्रसार और जागरूकता के अभाव में कृषि विभाग की यह महत्वाकांक्षी योजना कागजों तक ही सिमटती दिख रही है। पौधा संरक्षण सूत्रों के अनुसार जिले में 1600 एकड़ भूमि पर ड्रोन से दवा के छिड़काव का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। प्रत्येक प्रखंड में कम से कम 100 एकड़ खेत में ड्रोन स्प्रे किया जाना है। इसके लिए प्रत्येक अनुमंडल में एक ड्रोन सब्सिडी पर उपलब्ध कराने का प्रावधान भी है। बावजूद इसके दिसंबर तक जिले भर से गिने-चुने किसानों ने ही आवेदन किया है। सरकार द्वारा ड्रो...