सुपौल, नवम्बर 10 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। लोकतंत्र के महापर्व में सबसे ज्यादा उत्साहित वह तबका है जिसकी उंगलियों पर पहली बार स्याही का निशान लगेगा। 'ये दाग अच्छे हैं' की तर्ज पर वे मानते हैं कि उनकी अंगुलियों पर लगा स्याही का दाग लोकतंत्र को बेदाग बनाएगा। मलहद की नंदिनी नई वोटर बनी हैं। उन्होंने मतदाता सूची में नाम जुड़ने से लेकर वोटर कार्ड बनने तक की प्रक्रिया उत्साह से पूरी कराई। अपना वोटर कार्ड दिखाते हुए बताया कि कई बार बड़ों को मतदान के लिए जाते देखा था। एकाध बार साथ गई भी। इस बार खुद जाकर वोट करूंगी। नंदिनी के पास रहने वाली प्रियंका गुप्ता और सुनैना सुमन भी खुश हैं। वे बार-बार पूछ रही हैं कि स्याही का निशान कब तक रहता है? कारण पूछने पर उन्होंने बताया कि कॉलेज में अपनी सहेलियों को वे इस निशान को दिखाना चाहती हैं। महावीर चौक की ...