अररिया, अप्रैल 8 -- निर्मली, एक संवाददाता। जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के आदि पुरुष आचार्य भिक्षु का 266वां अभिनिष्क्रमण दिवस नगर के तेरापंथ भवन में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नवाचार महामंत्र के साथ किया गया। इसके पहचात ओम भिक्षु, जय भिक्षु का जप 15 मिनट सामुहिक रूप से किया गया। वीध्यंहरनका जाप 10 मिनट तक किया। अर्हत वंदना सामुहिक रूप से किया। वही महिला मंडली के मंत्री वर्षा चोपड़ा व कार्यकारणी सदस्य सोनोका नाहर ने गिनिक का संगान किया। इस अवसर पर भिक्षु ने जैन जगत में आचार, विचार, समाचारी की एकरूपता के लिए क्रान्तिकारी कदम उठाया। उनके जीवन का लक्ष्य था आत्मशुद्धि। शुद्ध आचार की संकल्पना से अनुबन्धित विचारधारा को लेकर आगे बढ़े। इस क्रम में उन्हें अनेक प्रकार के संघर्षों का सामना करना पड़ा लेकिन उनका आत्मबल और विचारबल इतना सशक्त था कि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.