नई दिल्ली, दिसम्बर 5 -- पश्चिम बंगाल के बीरभूम निवासी 26 वर्षीय सुनाली खातून और उनके बेटे साबिर को शुक्रवार शाम को भारत लाया गया। बांग्लादेश की जेल में 103 दिन बिताने के बाद को दोनों को उत्तर बंगाल में मालदा सीमा के रास्ते भारत लाया गया। अधिकारियों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा केंद्र को निर्देश दिये जाने के बाद सुनाली और उनके बेटे की घर वापसी हुई। हालांकि, इस बारे में कोई स्पष्टता नहीं है कि चार अन्य निर्वासित लोगों को कब वापस लाया जाएगा। ये लोग अब भी बांग्लादेश में रह रहे हैं और इन्हें लाने का आदेश भी शीर्ष अदालत ने दिया है। एक अधिकारी ने बताया कि गर्भावस्था के अंतिम चरण में पहुंच चुकी सुनाली को शाम करीब सात बजे उप-उच्चायुक्त स्तर के एक अधिकारी को सौंप दिया गया, जहां से दोनों को पहले औपचारिकताओं के लिए मेहदीपुर स्थित सीमा सुरक्षा बल ...