गढ़वा, अक्टूबर 28 -- गढ़वा, हिटी। आज जब पूरी दुनिया अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट दिवस मना रही है तब यह विचारणीय है कि इंटरनेट क्रांति के 56 वर्ष बीत जाने के बाद भी सुदूर और दुर्गम इलाकों तक इसकी पहुंच पूरी तरह नहीं हो पाई है। इंटरनेट ने जहां शहरी जीवन को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है वहीं पहाड़ी, आदिवासी और वन क्षेत्रों में नेटवर्क की कमजोरी अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। डिजिटल भारत अभियान के तहत सरकार ने ई-गवर्नेंस, जन सेवा केंद्र (सीएससी) और नेट जैसी योजनाओं से गांव-गांव तक डिजिटल सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। उक्त योजनाओं के माध्यम से राशन वितरण, पेंशन, छात्रवृत्ति और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी योजनाएं ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्मार्ट पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) में भी इंटरनेट की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन कमजोर नेटवर्क और ब...