सिद्धार्थ, जनवरी 31 -- डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संवाद। कस्बे के महाराजा अग्रसेन नगर वार्ड में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन गुरुवार की रात कथावाचक स्वामी दिनेशानंद ने प्रभु श्रीकृष्ण व सुदामा चरित्र से जुड़ी कथा सुनाई। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। कथावाचक ने कहा कि सुदामा की पत्नी जानती थी कि द्वारिकाधीश सुदामा के बहुत अच्छे मित्र हैं, इसलिए सुदामा की पत्नी अपनी गरीबी से तंग आकर छुटकारा पाने के लिए सुदामा को जिदकर प्रभु श्रीकृष्ण के पास सहायता मांगने भेजती है। हालांकि सुदामा श्रीकृष्ण से मदद लेना नहीं चाहते थे फिर भी सुदामा मीलों पैदल चलकर द्वारिका नगरी पहुंचते हैं। जहां उनकी दयनीय स्थिति को देखकर द्वारपाल मुख्य द्वार पर उन्हें रोकने के बाद महल के अंदर जाकर श्रीकृष्ण को सुदामा के बारे में बताता है। यह सुनकर श्रीकृष्ण दौड़े चले ...