सिद्धार्थ, मार्च 6 -- डुमरियागंज। डुमरियागंज क्षेत्र के गालापुर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन मंगलवार की रात कथावाचक आचार्य उत्तम कृष्ण शास्त्री ने सुदामा चरित्र का वर्णन किया। इसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। कथावाचक ने कहा कि जीवन में मित्रता में बड़ा छोटा का भाव एवं ऊंच-नीच का भाव नहीं होना चाहिए, मित्रता का भाव एक समान होता है। द्वारिकाधीश भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा के साथ जिस तरह से मित्रता का व्यवहार निभाया, वह हमेशा प्रासंगिक रहेगा। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत संपूर्ण सिद्धांतों का निष्कर्ष है। भागवत कथा को सुनने से जन्म-मृत्यु के भय का नाश होता है। इस अवसर पर यज्ञाचार्य अनिरुद्ध शास्त्री, इन्द्रजीत शास्त्री, विनोद शास्त्री, शिवशंकर पाण्डेय, कमलेश पाण्डेय, प्रतीक, रत्नेश आदि मौजूद रहे।
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