कौशाम्बी, नवम्बर 22 -- महेवाघाट। सरसवां में संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन कथा के सातवें दिन सुदामा चरित्र मार्मिक वर्णन किया गया। कथा वाचक आचार्य अखिलेश ने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रोता भाव-विभोर रहे। कथा व्यास आचार्य अखिलेश ने सुदामा चरित्र का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने मित्र कृष्ण से मिलने द्वारिका पहुंचे थे। द्वारिकाधीश के महल का पता पूछकर जब वे महल की ओर बढ़े, तो द्वारपालों ने उन्हें भिक्षा मांगने वाला समझकर रोक दिया। सुदामा ने द्वारपालों को बताया कि वे भगवान कृष्ण के मित्र हैं। जब द्वारपाल ने प्रभु को यह सूचना दी कि कोई सुदामा नाम का व्यक्ति उनसे मिलने आया है, तो सुदामा का नाम सुनते ही भगवान कृष्ण तेजी से द्वार की ओर भागे। उन्होंने अपने सखा सुदामा को ...