बेगुसराय, जून 25 -- बेगूसराय, हमारे प्रतिनिधि। फसल बीमा योजना से वंचित कर सरकार ने बिहार के किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, महाजनी सूद, बैंक ऋण ब्याज की गिरफ्त में ला दिया है। वर्ष 2024 में पहले सूखा और फिर बाढ़ ने बेगूसराय जिला सहित मटिहानी के कृषि, किसानी, खेती और पशुपालन पर आधारित जीवन जीने वाले किसानों व मजदूरों के रोजमर्रे के जीवन को बर्बाद और तहस नहस कर डाला। ऊपर से महाजनी कर्जा एवं बैंक ऋण ब्याज तथा उसकी वसूली, सर्टिफिकेट केस और कुर्की गिरफ्तारी वारंट किसान परिवारों के लिए फांसी का फंदा बन चुका है। ये बातें केसीसी, कृषि एवं पशुपालन ऋण धारक किसान संघर्ष समिति मटिहानी की ओर से भारतीय स्टेट बैंक के हर हर महादेव चौक बेगूसराय स्थित क्षेत्रीय प्रबंधक आरबीओ. कार्यालय के समक्ष रामदीरी किसान महापंचायत के कार्यक्रम में जिला पार्षद सह माकपा नेता...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.