अररिया, जुलाई 16 -- फारबिसगंज, अमरेन्द्र कुमार। शहर का प्रसिद्ध बड़ा शिवालय करीब 135 वर्ष पुराना है। श्रद्धालुओं के आस्था व विश्वास का केंद्र होने के बावजूद इसके जीर्णोद्धार की दिशा में सरकारी स्तर पर कदम नहीं उठाया गया है। इस मंदिर की बड़ी मान्यता है। विगत 1934 के भूकंप में यह मंदिर झुक गया था जो आज तक यथावत है। धर्म प्रेमी इसे भोले शंकर का सीधा हस्तक्षेप मानते हैं। महाशिवरात्रि व दुर्गा पूजा में इस मंदिर को फूल से सजाया जाता है। खासकर दुर्गा पूजा में यहां के प्रतिमा का आकर्षक व सजावट की भव्यता चर्चा का विषय रहता है। यह मंदिर हिंदू मुस्लिम के आस्था का प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है। शहर का हर कोई एक बार इस बड़ा शिवालय में आकर अपना माथा टेकना चाहता है। फारबिसगंज का बड़ा शिवालाय धर्म और आस्था का केंद्र है। कहा जाता है कि जो भी भक्त दिल से म...
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