गिरडीह, नवम्बर 14 -- बेंगाबाद। वन विभाग द्वारा सील किए गए अरतोका माइंस से पत्थर माफियाओं द्वारा तस्करी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। रात के अंधेरे में पत्थर माफियाओं द्वारा माइंस में अवैध खनन को अंजाम दिया जा रहा है। साक्ष्य मिटाने के लिए सुबह होते ही अवैध खनन के पत्थरों को हाइवा से परिवहन कर दिया जा रहा है। परंतु हाल ही के दिनों में वहां लगाए गए बिजली ट्रांसफार्मर से खदान तक खींची गई बिजली तार अवैध खनन का साक्षी जरूर बना हुआ है। पिछले कई दिनों से माइंस में हो रहे अवैध खनन से जीएसटी के अलावा खनन विभाग को राजस्व की भारी चपत लग रही है। सूत्रों का कहना है कि अरतोका माइंस का लीज अवधि समाप्त होने के बाद भी पत्थर माफियाओं द्वारा लगातार माइंस से पत्थरों का अवैध खनन किया जा रहा था। जिससे वन संपदा को भी क्षति हो रही थी। वन विभाग को इसकी सूच...
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