पटना, नवम्बर 24 -- केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों में आठवीं कक्षा तक के बच्चों को एनसीईआरटी के पाठ्यपुस्तकों को प्राथमिकता देनी होगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों पर से पुस्तकों के बोझ को कम करना है। कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के लिए एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकें पहले से ही अनिवार्य हैं। स्कूलों को इन कक्षाओं में पढ़ाने के लिए एनसीईआरटी की किताबों को मुख्य पाठ्यपुस्तक के रूप में शामिल करने को कहा गया है। अधिकतर स्कूलों में नर्सरी से लेकर आगे की कक्षाओं तक के बच्चों को प्राइवेट प्रकाशन की किताबों की लिस्ट स्कूलों की ओर से दी जाती है। जिन एनसीईआरटी की किताब की कीमत 65 से 70 रुपये होती है, प्राइवेट प्रकाशन कि किताबों पर उसके लिए दो-तीन गुना कीमत देना पड़ता है। ऐसे में छोटी कक्षाओं के बच्चों की किता...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.