लखनऊ, नवम्बर 22 -- पीजीआई परिसर स्थित सेंटर फॉर बायो मेडिकल रिसर्च (सीबीएमआर) के निदेशक का कार्यकाल तीन दिन पहले 20 नवम्बर को खत्म हो गया है। शासन ने संस्थान में अभी तक न नए निदेशक की तैनाती की है और न ही किसी को कार्य वाहक निदेशक की जिम्मेदारी दी। जिसकी वजह से यहां शोध समेत दूसरे काम प्रभावित हो रहे हैं। सीबीएमआर के वैज्ञानिकों का कहना है कि निदेशक की मंजूरी न मिलने से शोध में उपयोगी लैब के जरूरी केमिकल व मशीनों के उपयोगी चीजों की खरीद फरोख्त नहीं हो पा रही है। इसके अलावा संकाय सदस्य व कर्मचारियों के लंबित अवकाश व वेतन की मंजूरी समेत विभागीय कामकाज ठप्प हो गए हैं। अवकाश के आवेदन लंबित हैं। निदेशक न होने से इनकी मंजूरी नहीं मिल पा रही है। सीबीएमआर के निदेशक प्रो. आलोक धवन का पांच वर्ष का कार्यकाल 20 नवम्बर को पूरा होने के बाद वो कार्यमुक्...