देवघर, जुलाई 14 -- देवघर, प्रतिनिधि। मोहनपुर प्रखंड संसाधन केंद्र में शिक्षकों के सतत पेशेवर विकास (सीपीडी) के लिए 50 घंटे का अनिवार्य प्रशिक्षण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य शिक्षकों की शैक्षणिक दक्षता में सुधार लाना है। लेकिन कई शिक्षक इस आवश्यक प्रशिक्षण में अब तक शामिल नहीं हुए हैं, जिससे शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ गई है। शिक्षा विभाग की ओर से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार प्रखंड के कई सरकारी स्कूलों के शिक्षक अब तक या तो प्रशिक्षण में शामिल ही नहीं हुए हैं या उन्होंने आंशिक भागीदारी ही की है। यह प्रशिक्षण एनसीटीई (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) के दिशा-निर्देशों के तहत अनिवार्य किया गया है और इसमें भाग न लेने वालों पर विभागीय कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है। क्या है सीपीडी प्रशिक्षण : सीपीडी यानी सतत पेशेवर विकास एक ऐसा कार्यक्रम है जो ...
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