नई दिल्ली, नवम्बर 30 -- सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर वकीलों को किसी भी बेंच के समक्ष मामलों का मौखिक उल्लेख करने पर रोक लगा दी है। यह फैसला हाल के महीनों में अनौपचारिक रूप से अपनाई जा रही प्रथा को औपचारिक रूप प्रदान करने वाला है। कोर्ट ने स्थगन और तत्काल मामलों की लिस्टिंग के लिए प्रक्रिया निर्धारित करने वाला एक सर्कुलर जारी किया है। यह भी पढ़ें- चक्रवात से रक्षा के लिए ऑपरेशन सागर बंधु, भारत ने श्रीलंका भेजे चेतक हेलीकॉप्टर इसके अनुसार, जमानत या जमानत रद्द करने, मृत्युदंड, हेबियस कॉर्पस, विध्वंस या अंतरिम राहत से संबंधित सभी नए मामले अगले 2 कार्य दिवसों के भीतर लिस्ट किए जाएंगे। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया कि किसी भी कोर्ट के समक्ष मौखिक उल्लेख के लिए किसी सीनियर वकील को इजाजत नहीं दी जाएगी। इसके बजाय, युवा जूनियर वकीलों को ऐसा करने के लिए प्...