सीवान, नवम्बर 16 -- हसनपुरा, एक संवाददाता। प्रखंड के महुअल महाल गांव में चल रहे सात दिवसीय पंचकुंडात्मक श्री मारुति महायज्ञ के चौथे दिन शुक्रवार की रात यज्ञ परिसर भक्ति, आनंद और दिव्यता से परिपूर्ण हो उठा। गुजरात के भावनगर से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक शास्त्री संजय दास ने अपने मधुर, ओजस्वी और भावपूर्ण कंठ से सीता राम मिलन प्रसंग की विस्तृत व्याख्या प्रस्तुत कर श्रोताओं को आध्यात्मिक रसधारा में डुबो दिया। जैसे ही कथा में माता सीता के जनकपुर उद्यान में प्रभु श्रीराम के प्रथम दर्शन का प्रसंग आया, पंडाल में बैठे श्रद्धालुओं के चेहरे पर विशेष प्रकाश झलक उठा। शास्त्री संजय दास ने बताया कि यह मिलन केवल दो दिव्य आत्माओं का संयोग नहीं था, बल्कि धर्म, मर्यादा और प्रेम की शाश्वत यात्रा का आरंभ था। उन्होंने सीता जी के सरल हृदय, पवित्रता और भगवान राम क...