पाकुड़, जुलाई 17 -- सीता ने सखियों के साथ मंदिर में गौरी पूजन किया: आनंदमय पाकुड़। प्रतिनिधि शहर के हरिणडंगा हाई स्कूल मैदान में चल रही श्रीराम कथा के छठे दिन का आयोजन हुआ। कथा व्यास पारसमणि महाराज ने श्रीराम-सीता विवाह का प्रसंग सुनाया। कथा में बताया गया कि भगवान राम और लक्ष्मण गुरु विश्वामित्र के साथ सीता स्वयंवर के लिए जनकपुरी आए। पुष्प वाटिका में राम और सीता की पहली मुलाकात हुई। दोनों ने एक-दूसरे को देखा और मुस्कुराए। सीता ने सखियों के साथ मंदिर में गौरी पूजन किया और राम को अपने मन में बसा लिया। आचार्य ने गोस्वामी तुलसीदास द्वारा वर्णित पांच प्रकार की भक्ति का वर्णन किया। चातक श्रेणी की भक्ति को सर्वोत्तम बताया। कोकिल भक्ति प्रभु का गुणगान करती है। कीर माला रटता है। चकोर दर्शन की अभिलाषा रखता है। मोर की तरह भक्त आनंदमय होकर नृत्य करता ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.