लखीमपुरखीरी, जुलाई 30 -- प्रदेश की अर्थव्यवस्था वन ट्रिलियन बनाने में गुड़ कोल्हू संचालकों का योगदान बढ़ेगा। सीतापुर व लखीमपुर के गुड़ उत्पादकों की प्रशिक्षण कार्यशाला में गुड़ उत्पादकों को उन्नत तकनीक से जोड़ने, पैकेजिंग, ब्रांडिंग व वित्तीय प्रबंधन को लेकर ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में जैविक उत्पाद प्रमाणीकरण की उपयोगिता पर सहायक प्रबंधक एपीडा देवेन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि जैविक प्रमाणीकरण एक आवश्यक प्रक्रिया है जो यह सुनिश्चित करती है कि उत्पादन में किसी रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक या जीएमओ का उपयोग न हो। जिला खांडसारी अधिकारी उमानाथ तिवारी ने सम्बोधित किया। वरिष्ठ वैज्ञानिक उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर डा. प्रियंका सिंह ने भी किसानों को गन्ने की वैरायटी की जानकारी दी। सहायक आयुक्त चीनी सीतापुर राजेश कुमार...
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