लखीमपुरखीरी, नवम्बर 11 -- मेला मैदान पर चल रहे दशहरा मेले में सोमवार को लंका दहन का प्रसंग कलाकारों ने दिखाया। इसे देखने दर्शकों की भीड़ उमड़ी। सीताजी की खोज में हनुमानजी समुद्र लांघकर लंका पहुंचे। अशोक वाटिका में उनसे भेंट करके वह अपने भूख लगी बताकर फल खाने की इच्छा जताते हैं। सीताजी ने अपना ध्यान रखकर फल खाने का आदेश दिया। बाग में फल खाते हुए हनुमानजी ने रखवालों को मार-पीटकर वाटिका उजाड़ डाली। इसकी सूचना पाकर रावण ने अपने बेटे अक्षय कुमार को वानर को पकड़ लाने को भेजा किंतु हनुमानजी ने उसका वध कर दिया। इसके बाद मेघनाद ब्रह्मशक्ति से हनुमान को बांध लाया। दंड के रूप में उनकी पूंछ में आग लगा दी गई। हनुमानजी इससे पूरी लंका जला डाली। लंका का प्रतिरूप बनाकर हनुमान बने कलाकार के साथ इसमें बतौर मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि अमनदीप सिंह ने आग लग...