टिहरी, नवम्बर 30 -- वर्करों और कर्मचारियों की हकों की लड़ाई तेज करने के साथ ही सीटू उत्तराखंड का 9वां राज्य स्तरीय सम्मेलन का विधिवत समापन हुआ। केंद्र की मजदूर‑विरोधी, कॉरपोरेट‑परस्त और जन‑विरोधी नीतियों को लेकर सम्मेलन में चर्चा कर विरोध की नीति बनाने का निर्णय हुआ। सम्मेलन का केंद्रीय रहा कि अधिकारों की रक्षा करना, 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन, स्थायी रोजगार, बढ़ती महंगाई पर रोक, शिक्षा, स्वास्थ्य व सरकारी क्षेत्र में निजीकरण का विरोध और मजदूर‑विरोधी लेबर कोड के खिलाफ व्यापक संघर्ष को मजबूत करना। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न ज़िलों से आए सीटू के डेलीगेट, पर्यवेक्षक, स्कीम वर्कर, ठेका‑कर्मचारी, संगठित-असंगठित क्षेत्र के मजदूर, युवा और महिला कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। दो दिनों तक चली कार्यवाही में प्रदेश और देश के आर्थिक‑सामाजिक...