लखनऊ, अगस्त 12 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) में प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रोजगार दिलाने में परियोजना क्रियान्वयन (पीआई) एजेंसियों ने खेल किया। डीडीयू-जीकेवाई योजना के क्रियान्वयन में वर्ष 2016-22 की अवधि में विभिन्न कमियां पाई गईं। न ही कौशल अंतर का आंकलन किया गया और न ही श्रम बाजार का अध्ययन। वार्षिक योजना की 22 और कार्य योजना की 88 परियोजनाओं पर 514.35 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वार्षिक योजना में 39 प्रतिशत व कार्य योजना में 76 प्रतिशत की कमी नियोजन यानी रोजगार दिलाने में पाई गई। अभिलेखों की जांच में पाया गया कि फर्जी नियुक्ति पत्र देकर संदिग्ध बैंक खाते में धनराशि ट्रांसफर दिखाकर गड़बड़ी की गई। यही नहीं गड़बड़ी करने वाली पीआई एजेंसियों पर कार्रवाई की बजाए उन्हें और अधिक लक्ष्य आवंटित...
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