रांची, नवम्बर 29 -- सिल्ली, प्रतिनिधि। प्रखंड के लोटा पंचायत अंतर्गत लोटा और किता गांव के जंगलों में दो जंगली हाथियों के पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। हाथियों की दस्तक से सरजमडीह, हड़वाडीह और हेंसाडीह जैसे जंगल से सटे गांवों में भय का वातावरण बना हुआ है। किसानों का कहना है कि धान की फसल को बचाने के लिए वे रातभर पहरा देने को मजबूर हैं। वनपाल जयप्रकाश और गौतम बॉस ने ग्रामीणों को हाथियों के आसपास जाने से मना किया है। उन्होंने सूखी लकड़ी और पत्ते चुनने के लिए भी जंगल में प्रवेश न करने की सलाह दी है। वन विभाग की टीम हाथी खदेड़ने पहुंचती है, लेकिन उनके लौटते ही हाथी फिर से गांव के समीप आ जाते हैं, जिससे स्थिति जस की तस बनी रहती है। दो वर्षों से जारी है हाथियों का उत्पात: ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो वर्षों से हाथियों का तांडव जार...