लखनऊ, दिसम्बर 3 -- कुपोषण को हराने की मुहीम रंग ला रही है। महज दो सप्ताह में पौष्टिक भोजन व दवाओं से कुपोषित बच्चों की जिंदगी संवार रही है। कुपोषण हारने लगा है। कुपोषण से जुड़े यह तथ्य नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के आंकड़ों में सामने आए हैं। प्रदेश में 84 पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) हैं। इनमें हर साल लगभग 17 हजार बच्चे भर्ती किए जा रहे हैं। जिनमें लगभग 83 फीसदी बच्चे स्वस्थ होकर डिस्चार्ज किए जाते हैं। बाकी 17 फीसदी बच्चों को इलाज के लिए रेफर किए गए। करीब 20 से 30 प्रतिशत बच्चे आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आरबीएसके के माध्यम से एनआरसी में रखे जा गए हैं। कई बच्चे को कुपोषण के बाद तमाम तरह की बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। एनआरसी में इलाज और पोषण प्रबंधन के बाद सिर्फ दो सप्ताह में बच्चों का वजन बढ़ने लगता है। यहां डॉक्टरों की सलाह पर द...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.