नई दिल्ली, फरवरी 20 -- अदालत में केस लड़ना आसान काम नहीं होता। खास कर सुप्रीम कोर्ट के हाई टेंशन माहौल में दलील देते समय कई बार बड़े-बड़े वकीलों के भी पसीने छूट जाते हैं। लेकिन हाल ही में एक 19 साल के लड़के ने इस मुश्किल काम को इतनी बखूबी से निभाया है कि उसकी चारों तरफ चर्चा हो रही है। इस लड़के ने अपना हक मांगने के लिए ना सिर्फ मुख्य न्यायधीश जस्टिस सूर्यकांत के सामने खुद दलील देने का फैसला किया, बल्कि केस को जीतने में भी कामयाब हुआ। यह कहानी है अथर्व चतुर्वेदी की। मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले 19 वर्षीय NEET अभ्यर्थी अथर्व चतुर्वेदी इन दिनों सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। दरअसल अथर्व चतुर्वेदी ने बीते दिनों 720 में से 530 अंकों के साथ NEET 2024-25 परीक्षा पास की। हालांकि प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए रिजर्...