फतेहपुर, मई 4 -- फतेहपुर। शहर के आईटीआई रोड निवासी एक रिटायर प्रोफेसर को आखरी बार लोगों ने हंसते हुए कब देखा था पता नहीं। पूरा जीवन केवल गुस्से, तनाव में निकालने वाले प्रोफेसर आज कल अब सुबह शाम पार्कों में जाकर लोगों के साथ हंसने की कोशिश करते हैं। उक्त प्रोफेसर अकेले नहीं है। प्रौढ़ और बुजुर्गों को छोड़ दो आज की भागमभाग भरी जिंदगी में किशोर और युवा भी हंसना भूल गए हैं। जबकि डाक्टरों का मानना है कि यदि आप हर दिन कम से कम आधे घंटे हंसी ठिठोली करते हैं तो आपका सत्तर फीसदी तक तनाव कम हो सकता है। हास्य हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह हमें तनाव और चिंता से मुक्ति दिलाता है, हमारे मूड को बेहतर बनाता है, और हमें दूसरों के साथ जुड़ने में मदद करता है। जीवन की चुनौतियों का सामना करने में भी मदद करता है और हमें अधिक सकारात्मक बनाता...
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