कानपुर, अगस्त 6 -- कानपुर। माल रोड स्थित एबी विद्यालय में अनुकृति रंगमंडल की ओर से रंगमंच कार्यशाला का आयोजन किया गया। अनुकृति कानपुर के संस्थापक सचिव व भारतेंदु नाट्य अकादमी लखनऊ के सदस्य डॉ. ओमेंद्र कुमार ने कहा कि रंगमंच यानी थिएटर सिर्फ अभिनय सीखने का माध्यम नहीं है बल्कि जीवन को जीने का सही तरीका भी सिखाता है। उन्होंने बताया कि कैसे चार वेदों के बाद महादेव के आग्रह पर भरत मुनि ने पंचम वेद नाट्य शास्त्र की रचना की। थिएटर अनुशासन, सामाजिक व्यवहार, टाइम मैनेजमेंट, फिजिकल फिटनेस जैसे जीवन के महत्वपूर्ण पक्षों की जानकारी देता है। कार्यशाला में छात्रों को थिएटर, अभिनय, जीवन एक रंगमंच की बारीकियों को भी समझाया। अंचित ने बताया कि बच्चा जब छोटा होता है तो वो रोता है और मां समझ जाती है कि उसको भूख लगी है, इसी तरह अभिनय की बारीकियां सीखनी चाहिए...
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