संभल, मार्च 8 -- पवित्र रमजान महीने के पहले जुमे पर नगर की मस्जिदों में नमाजियों का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही रोजेदार जुमे की नमाज की तैयारियों में जुट गए थे। बच्चे, नौजवान और बुजुर्ग मस्जिदों में बड़ी संख्या में जुटे और अकीदत के साथ इबादत की। शिया जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना एहतेशाम अली ने खुत्बे में रोजे की अहमियत बताते हुए कहा कि रोजा केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह शरीर के हर अंग की पाकीज़गी का प्रतीक है। रमजान अल्लाह की ओर से एक इंसान को नेक बनाने का तोहफा है और इस महीने में तौबा करने वालों को गुनाहों से माफी मिलती है। वहीं शहर की प्रमुख मस्जिदों - सुन्नी जामा मस्जिद, नूरानी मस्जिद, बलवे वाली मस्जिद, किदवाई वाली मस्जिद, नासिर मियां वाली मस्जिद, बुधबाजार वाली मस्जिद, कुरैशियान वाली मस्जिद और थ्री ऐ बाजार वाली मस्जि...
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