बेगुसराय, नवम्बर 9 -- सिमरिया धाम, एक संवाददाता। सिमरिया धाम भारत की अमृत संस्कृति का केंद्र बिंदु है। यहीं से संपूर्ण देश में अमृत धारा प्रवाहित होती है। यह हमारे लिए गर्व का विषय है। यह सिमरिया धाम आदि कुंभस्थली भी रहा है। ये बातें राजकीय कल्पवास मेला सिमरिया धाम स्थित सिद्धाश्रम के ज्ञान मंच से स्वामी चिदात्मन वेद विज्ञान अनुसंधान न्यास के बैनर तले आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य प्रो. उमेश प्रसाद सिंह ने कहीं। उन्होंने कहा कि स्वामी चिदात्मन जी महाराज के प्रयास से वैश्विक मान्यताएं भी मिलीं। स्वामी चिदात्मन जी के सान्निध्य में आयोजित समारोह के प्रथम दिन विशिष्ट अतिथि के पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के डॉ. नागेन्द्र कुमार शर्मा ने कहा कि सिमरिया धाम से आरंभ हुआ अमृत संस्कृति का पुनर प्रवाह एक बार फिर जग ...