अररिया, नवम्बर 27 -- फारबिसगंज, निज संवाददाता। भीषण अग्निकांड के बाद सिमराहा बाजार इन दिनों बर्बादी व तबाही की कहानी बयां कर रहा है। जहां कल तक ग्राहकों की आवाजाही से रौनक रहती थी, वहां आज जले हुए खंभों, धुएं की गंध और राख में बदल चुके सपनों को समेटे खामोश पड़ा है। मंगलवार की अहले सुबह की आग ने देखते ही देखते बाज़ार की लगभग 30 दुकानों को खाक कर दिया। यह केवल दुकानों को ही खाक नहीं किया। उनके अरमान को भी राख में बदल दिया। तिनका-तिनका जोड़कर खड़ा किया गया कारोबार कुछ ही पलों में राख में तब्दील हो गयी। यही वजह है कि अगलगी के दूसरे दिन भी पीड़ित दुकानदार अपने जले हुए भविष्य की तलाश में राख को खंगालते दिखे। कोई जले हुए खंभे हटाता नजर आया, तो कोई राख में सामान का कोई टुकड़ा ढूंढने की कोशिश करता दिखा। किताब, कपड़े, घरेलू सामान-सब कुछ जलकर कागज़ और कपड़...
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