बांदा, अगस्त 6 -- बांदा। संवाददाता यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे पहुंच गया। पर अब भी नौ संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी से जलमग्न हैं। ग्रामीणों के आवागमन के लिए प्रशासन की ओर से 23 नावें संचालित की जा रही हैं। वहीं, बाढ़ का पानी जैसे-जैसे कम हो रहा है। वैसे-वैसे कीचड़ से गांव-गांव कचाहिन उफरती जा रही है। तेजी से उठती दुर्गंध से ग्रामीणों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का डर बना है। मंगलवार शाम केन नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु 103 से नीचे 99.33 मीटर और यमुना का जलस्तर खतरे के निशान 100 से नीचे 99.68 मीटर पर रिकार्ड किया गया। दोनों नदियां भले ही धीरे-धीरे सिमट रहीं। पर अब भी पैलानी क्षेत्र के नौ संपर्कमार्ग जलमग्न हैं। इनमें धोवल नाला, तुर्री नाला सिंघनकलां, पडोहरा रपटा, मरझा-परेड़ी मार्ग, पलरा-नरी मार्ग व जमुना से प्रभावित खजूरी, लौमर व...
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